हरियाणा जेलों में बंदियों को मिलेगा डेयरी प्रशिक्षण, रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बनाने की पहल
- By Gaurav --
- Thursday, 02 Jul, 2026
Haryana Prisons to Train Inmates
हरियाणा सरकार ने जेलों में बंदियों के पुनर्वास और उन्हें रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। हरियाणा कारागार विभाग ने आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई), करनाल के साथ समझौता कर बंदियों को पशुपालन और डेयरी उद्यमिता का व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है।
योजना के पहले चरण में जिला जेल करनाल की अर्ध-खुली और खुली जेल में निरुद्ध अच्छे आचरण वाले बंदियों का चयन किया जाएगा। चयनित बंदियों को जेल परिसर में ही तीन माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान पशुपालन, डेयरी प्रबंधन, पशुओं की देखभाल, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन तथा दूध से घी, पनीर, दही और मक्खन जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की तकनीक सिखाई जाएगी। इसके अलावा डेयरी आधारित स्वरोजगार और उद्यमिता से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की जाएगी, ताकि रिहाई के बाद बंदी स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें।
इस समझौता ज्ञापन (MoU) पर एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह और जिला जेल करनाल के अधीक्षक लखबीर सिंह बराड़ ने राज्यसभा सांसद संजय भाटिया की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर सांसद संजय भाटिया ने प्रदेश की प्रत्येक जेल में इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जेल को पांच-पांच लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस पहल से बंदियों को नया कौशल मिलेगा और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।